
सिंदूर पुरम: एक नया इतिहास, एक गौरवशाली पहचान!
आज आगरा जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया! फतेहाबाद का नाम अब सिंदूर पुरम होगा। इस प्रस्ताव पर सभी माननीय सदस्यों ने पूर्ण सहमति जताई, और इसे अब शासन के पास आगे की कार्यवाही के लिए भेजा जाएगा।
बता दें कि सामूगढ में सन् 1658 में औरंगजेब ने अपने भाई दाराशिकोह पर जीत के बाद उस सामूग़ढ का नाम बदलकर फतेहाबाद रख दिया था। गुलामी के प्रतीक फतेहाबाद नगर व फतेहाबाद विधान सभा का नाम बदलकर भारत की जीत के प्रतीक ऑपरेशन सिन्दूर के नाम पर सिन्दूरपुरम् रखा जाने का प्रस्ताव दिया।
इसी प्रकार सामूगढ़ में ही औरंगजेब ने गुलामी का प्रतीक बादशाही बाग बनाया था। बादशाही बाग का नाम ब्रहमोस मिसाइल जगतपिता ब्रहमा जी के नाम पर श्री ब्रहमा
बाग करने का प्रस्ताव पारित हुआ।
यह सिर्फ़ एक नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि हमारे गौरवशाली अतीत और देश की वीरता को सम्मान देने वाला वैचारिक आंदोलन है।
सिंदूर पुरम नाम भारतीय सेना के शक्तिशाली ऑपरेशन सिंदूर की अदम्य वीरता और शौर्य को समर्पित है। यह नाम नई पीढ़ी को हमारे सैनिकों के बलिदान और पराक्रम की गाथा से जोड़ेगा, जो युगों-युगों तक प्रेरणा देती रहेगी!












